36 दिन तक कांग्रेस पदाधिकारियों को परखेंगे, फिर होगी कार्रवाई और प्रमोशन

भोपाल : प्रदेश कांग्रेस ने 29 लोकसभा सीटों पर प्रभारी नियुक्त कर उन्हें ब्लॉक स्तर तक भेजने का निर्णय लिया है। इसके तहत पार्टी के बड़े नेताओं को गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं की स्थिति का जायजा लेना होगा। यह अभियान 36 दिनों तक चलेगा, जिसके बाद कार्यकर्ताओं की परफॉर्मेंस के आधार पर कार्रवाई और प्रमोशन किया जाएगा।

क्या होगा मंथन के तहत

प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सुमित्रा गुप्ता ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि हर बूथ और सेक्टर पर पदाधिकारी 36 दिनों तक सक्रिय रहकर कांग्रेस की स्थिति का मंथन करेंगे। इस मंथन के दौरान उन्हें कांग्रेस की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करना होगा और यह देखना होगा कि कहां-कहां सुधार की जरूरत है।

सभी मोर्चों-संगठनों को भी समीक्षा

सभी मोर्चों और संगठनों को भी इस मंथन में शामिल किया जाएगा। प्रत्येक स्तर पर पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से पालन कर रहे हैं या नहीं, इसकी समीक्षा की जाएगी। इस प्रक्रिया में जो भी पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से निभाते पाए जाएंगे, उन्हें प्रमोशन दिया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मंथन से क्या निकलेगा अमृत या विष?

कांग्रेस का यह मंथन अभियान 36 दिनों का होगा, जिसमें पार्टी के सभी पदाधिकारियों को अपनी भूमिका को सही ढंग से निभाने का अवसर मिलेगा। इस मंथन से कांग्रेस को अपनी कमजोरियों का पता चलेगा और सुधार के उपाय भी मिलेंगे। इसके साथ ही जो पदाधिकारी मेहनत कर रहे हैं, उन्हें उनका उचित सम्मान और प्रमोशन मिलेगा, जबकि जो लापरवाह हैं, उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इस मंथन के परिणामस्वरूप पार्टी को अपनी जड़ों को मजबूत करने का अवसर मिलेगा और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।

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