फर्जी नामांतरण रोकने के लिए अब मंजूर अभिन्यास की खसरा अभिलेख में होगी प्रविष्टि |

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इंदौर। रियल एस्टेट कारोबार में तेजी तो बनी ही हुई है, वहीं कलेक्टर आशीष सिंह ने भी नई पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में चलती कालोनियों सेल को रोकने की दिशानिर्देशों का दौर करवाया, ताकि अचूक योजना के तहत समय सीमा में विकास अनुमति मिल सके।

फर्जी नामांतरण रोकने के लिए

वहीं अवैध कालोनियों निर्माण को रोकने के मामले में सख्ती भी शुरू हो गई है। फर्जी नामांतरण रोकने के लिए अब यह तय किया गया है कि विकास अनुमति प्राप्त नक्शे या किसी कॉलोनी का अभिन्यास जारी करने पर ही अब विकास अनुमति का संकेत संबंधित खसरे में दर्ज होगा।

एसडीओ और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वे नक्शों को अनुमोदित करने के बाद खसरे में शामिल करेंगे। साथ ही किसी कॉलोनी पर अभिन्यास स्वीकृति के पश्चात संबंधित अभिलेखों में सूचना भी दर्ज की जाएगी। अब विकास की अनुमति मिलने के बाद संबंधित खसरों में प्रविष्टि अवश्य की जाएगी।

कलेक्टर आशीष सिंह ने पिछले दिनों के बैठकों में उक्त निर्देश दिए हैं। कलेक्टरेट में चल रही परेशानी, एजेन्सियों से आने वाली शिकायतें और क्रेडa चैंबरमैन गोपाल मालू, संदीप गोयल, राजेंद्र सिंह, चंद्रेश गुप्ता आदि के सुझाव, शिकायतों को ध्यान में रखते हुए नए उपाय लागू किए गए हैं।

विस्तृत प्रक्रिया:

  1. प्रविष्टि की प्रक्रिया: अब किसी कॉलोनी की खसरे में सीधा मार्ग और वाहन सड़कों को भी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। इससे अवैध निर्माण को रोकने में सहायता मिलेगी।
  2. भूमि निरीक्षण: पटवारी और तहसीलदार अब भूमि निरीक्षण करके सत्यापन करेंगे।
  3. सख्ती से रोक: अवैध नामांतरण और फर्जी अभिलेखों की रोकथाम के लिए यह प्रक्रिया लागू की जाएगी।
  4. अन्य उपाय: कॉलोनाइजरों को नगर निगम की अनुमति के बिना मास्टर प्लान को कभी भी बदला नहीं जा सकेगा।
  5. संपर्क मार्ग: स्वीकृत नक्शे में मुख्य सड़क से संपर्क मार्ग को जोड़ना होगा।

कलेक्टर द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि इन उपायों से अवैध गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण पाया जा सके। तहसीलदार, एसडीओ, पटवारी और अन्य अधिकारी अब विकास अनुमति से जुड़ी हर प्रक्रिया को नज़र में रखेंगे।

इन नई व्यवस्थाओं से अवैध कॉलोनी और निर्माण के मामलों में कमी आएगी और क्षेत्र में समुचित विकास संभव हो सकेगा। नगर निगम और जिला प्रशासन का यह संयुक्त प्रयास शहर की संरचना को और बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।

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